Shiv Bhajan Lyrics in Hindi: कगवा बोल हई रे अटरीया (शिव चर्चा गीत)
बेहद प्रसिद्ध शिव चर्चा गीत ‘कगवा बोल हई रे अटरीया’ और अन्य शिव भजनों के लिरिक्स (Lyrics) हिंदी और English में पढ़ें। जानिए इन भजनों का अर्थ।
शिव चर्चा गीत भारत के हर राज्य मे गाया जाता है। शिव को गुरुओ के गुरु है। यहाँ पर दिए गए हुए सभी गीत बहुत प्रसिद्ध है। सावन के महीने मे शिव जी का भजन गाया जाता है। यहाँ पर आपको सभी प्रकार के नए पुराने शिव चर्चा गीत पढ़ने को मिलेगा।
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Shiv Bhajan Lyrics in Hindi: कगवा बोल हई रे अटरीया (शिव चर्चा गीत)
शिव चर्चा गीत भारत के हर राज्य, विशेषकर बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में बड़ी ही श्रद्धा के साथ गाए जाते हैं। शिव ही जगत के गुरु हैं, और शिव चर्चा के माध्यम से भक्त अपने सुख-दुख सीधे महादेव तक पहुंचाते हैं। सावन के महीने में और गांव-मोहल्लों में होने वाली शिव चर्चाओं में शिव जी का भजन विशेष रूप से गाया जाता है।
अगर आप सबसे प्रसिद्ध शिव चर्चा गीत “कगवा बोल हई रे अटरीया” (Kagwa bol hai re atariya) और अन्य मधुर शिव भजनों के लिरिक्स (Shiv Bhajan Lyrics in Hindi) खोज रहे हैं, तो आप बिल्कुल सही जगह पर हैं। यहाँ हमने इस गीत के साथ-साथ अन्य लोकप्रिय शिव चर्चा गीतों का संग्रह दिया है।
1. कगवा बोल हई रे अटरीया (Shiv Bhajan Lyrics in Hindi)
यह गीत बहुत ही मार्मिक और सुंदर है, जिसमें भक्त अपने आंगन में शिव गुरु, दुर्गा मैया और बजरंग बली के आने का वर्णन कर रहे हैं।
कगवा बोल हई रे अटरीया, शिव गुरू अएलन अंगनमा न
शिव गुरू के चरणों न पखारली, दुखवा सुनावे लगली ना
शिव गुरू सोचलन न समझलन, दया बरसावे लगलन न
कगवा बोल हई रे ……….।
कगवा बोल हई रे अटरिया, दुर्गा मईया अईलन अँगनमा न
दुर्गा मईया के चरणों न पखारली, दुःखवा सुनावे लगली न
दुर्गा मईया सोचलन न समझलन, चुदरी ओढ़ावे लगलन न…
कगवा बोल हई रे अटरियाँ, बजरंग बली अऐलन अगनमा न
बजरंग वली के चरणों ना पखारली, दुःखवा सुनावे लगली ना
बजरंग वली सोचलन न समझलन, भुतवन भगावे लगलन न
कगवा बोल हई रे अटरिया, सभे देवा अऐलन अँगनमा न
सभे देवा के चरणों न पखारली, दुःखवा सुनावे लगली ना
सभे देवता सोचलन न समझलन, दया बरसावे लगलन न
कगवा बोल हई रे अटरियाँ, हरेन्द्र भईया अऐलन अंगनमा न
भईया के चरणों न पखारली, दुःखवा सुनावे लगली ना
भईया सोचलन न समझलन, दया बरसावे लगन ना ।
कगवा वोल हई रे अटरिया, गुरू-भईया अऐलन अँगनमा न
दीदी के पैरवा न पखारली, दुःखवा सुनावे लगली ना
दीदी मोर सोचलन न समझलन, दया बरसावे लगलन ना
कगवा बोले हई रे अटरिया, शिवगुरू अईलन अँगनमा न
गीत का भावार्थ (Meaning):
इस गीत में एक भक्त कह रहा है कि उसके घर की अटारी पर कौआ (कगवा) बोल रहा है, जो शुभ संकेत है कि शिव गुरु, माता दुर्गा और बजरंगबली उनके आंगन में पधारे हैं। भक्त उनके चरण धोकर (पखारकर) अपना दुखड़ा सुनाता है, और सभी देवी-देवता बिना कुछ सोचे-समझे उस पर अपनी दया और कृपा की बारिश कर देते हैं।
2. दस रूपया के कुपन मंगावली (Bhojpuri Shiv Charcha Geet)
यह एक आधुनिक और बहुत ही प्यारा शिव चर्चा गीत है:
दस रूपया के कुपन मंगावली, नोकिया के मोबाईल शिव गुरू जी
अरे देश-देश कईली परचार शिव गुरू जी
किनका पर दया करव, किनका पर माया शिव गुरू जी
अरे किनका पर अमृत बरसईव शिव गुरूजी
पापा जी पर दया करीह, मम्मी जी पर माया शिव गुरू जी
अरे भईया जी पर अमृत वरसईह शिव गुरू जी
दस रूपया के कुपन मंगावली..
ससुर जी पर दया करीहं, सास जी पर माया शिव गुरू जी
अरे स्वामी जी पर अमृत वरसईह शिव गुरू
दस रूपया के कुपन मंगावली जी ………।
पती जी पर दया करीह, हमरा पर माया शिव गुरू जी
अरे बेटवा पर अमृत वरसईह शिव गुरू जी
दस रूपया के कुपन मंगावली…
गुरू भईया पर दया करीह, गुरू-बहना पर माया शिव गुरूजी
अरे शिष्यन पर अमृत वरसईह शिव गुरू जी
पहला में दया मांगव, दूसरा में चर्चा शिव गुरू जी
तीसरा में नमः शिवाय परनमीया शिव गुरू जी
चौथा में मईया जगरनमा शिव गुरू जी
दस रूपया के कुपन मंगावली….
3. खुलल बाटे धर्म स्कूलवा हो (Shankar Bhajan Lyrics)
खुलल बाटे धर्म स्कूलवा हो स्कूलवा हो
वहाँ नाम लिखवा ल नाम लिखवा ल बहीनी
घोसना करा ल एही स्कूलवा के
शिव गुरू हेडमास्टर पार्वती मईया बनलन मैडममा हो
मैडममा हो वहीन नाम लिखवा ल ।
घरे-घरे खुलल स्कूलवा हो…..|
नाम लिखवा ल बहीनी घोसना करा ल
एही स्कूलवा के विष्णु जी हथीन मास्टर
अरे लक्ष्मी मईया बनलन मैडममा हो-2
वहीन नाम लिखवा ला घरे-घरे खुलल स्कूलवा हो ……|
(Note: Add the rest of the lyrics for this song from your draft here)
4. शिव गुरू के लगल दरवार (Lord Shiva Song Lyrics)
शिव गुरू के लगल दरवार बेल के पतईया से
शिव गुरू के लगल दरवार बेल के पतईया से
वही गलीयन में अंधरा पुकारे-2
अंधरा के आँख दे द गुरू तु बेल के पतईया से
शिव गुरू के लगल दरवार ……..।
वही गलीयन में लंगड़ा पुकारे, लंगड़ा पुकारे गुरूवर लंगड़ा पुकारे
लंगड़ा के पैर दे द गुरू तु बेल के पतईया से
शिव गुरू के लगल दरवार ।
(Note: Add the remaining stanzas (बांझीन, कोड़हीया, कन्या, शिष्यन) from your draft here)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. शिव चर्चा की शुरुआत किसने की थी?
शिव को गुरु मानकर उनकी चर्चा करने की इस परंपरा की शुरुआत बिहार से ‘साहब श्री हरिन्द्रानंद जी’ (हरेन्द्र भईया) और ‘नीलम आनंद’ (दीदी) द्वारा की गई थी। आज यह पूरे देश में प्रसिद्ध है।
Q2. शिव चर्चा के तीन सूत्र कौन से हैं?
शिव चर्चा के तीन मुख्य सूत्र होते हैं:
- शिव से दया मांगना (“हे शिव! आप मेरे गुरु हैं, मुझ पर दया करें”)
- दूसरों से शिव चर्चा करना (दूसरों को शिव को गुरु बनाने के लिए प्रेरित करना)
- अपने गुरु शिव को 108 बार “नमः शिवाय” से प्रणाम करना।
Q3. शिव चर्चा में गीत क्यों गाए जाते हैं?
गीत और भजन के माध्यम से भक्त भगवान शिव के प्रति अपने प्रेम, समर्पण और भावनाओं को बहुत ही सरलता से व्यक्त कर पाते हैं।
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- सातों बहीनीया झुलुआ झुले
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